रात को नींद ही नही आयी
क्यूंकि आज नानी के घर जाना है
वो भी एक महीने के लिए
मम्मी इतनी सारी books रख ली
मैंने सोचा मम्मी कुछ ज़्यादा ही आशावादी है
की हम वहाँ पढ़ेंगे
मैं तो बस वह जाकर सबके साथ खेलने के लिए बैचैन हूँ
मामा आये है लेने
मैंने साइकिल रखने की ज़िद की
बोले जगह नहीं है
मुझे MRF and के बैट का लालच देकर बैठाया गया
दादा दादी को मिस करूँगा पर
और चाचा को भी
पापा को भी मिस करूँगा
पर वो पता नहीं क्यों
ख़ुश लग रहे थे हमारे जाने से
रास्ते में मम्मी ने चाय पी
इतनी गर्मी में पता नहीं कैसे पीते है
मैंने तो बस चुस्की खायी, ऑरेंज वाली
जैसे ही घर पहुँचे
नानाजी आ गए लेने
उन्होंने उतरते ही हमे चॉकलेट दी
और नानी ने आते ही खिलाना शुरू कर दिया
वो मस्त हलवा बनाती है
फिर मैं अन्नू , पिंकी और चिंटू से मिला
दिन में हम contra-mario खेलतें था
और शाम में क्रिकेट
मुझे हमेशा fielding मिलती थी
जब MRF का बैट आयेगा तो पहली batting करूँगा
मौसी हमे दिन में पढ़ती थी
पूरा holiday homework करा दिया
(क्यूंकि मोबाइल नहीं था, तो फ्री ही रहती थी लड़किया)
उनकी अजीब शर्त थी
की हमारी चोटी बना कर ही पढ़ती थी
हर बार नया style
(अब लगता है हम जाने कौनसा project थे)
एक दिन शाम में हमने pool भरने का plan बनाया
एक जगह से फटा था
हमने उसको टेप से चिपका कर भरा
और उसे भर कर कूदने लगे
चिंटू ने ऐसी jump मारी
की वो फैट गया
और पानी पूरे घर में घुस गया
पानी अंदर और सब लोग घर से बाहर
आजकल तो ऐसे resort में ही होता है
Disaster management जैसी situation हो गई थी
डाँट पड़ती रही पर
हमने तो बस puppy face बनाये रखा
हमे घर में नज़रबंद किया गया
एक दिन मठी के साथ आचार खाने का मन किया
तो बरनी से निकालने लगे
इतना तेल था की बरनी हाथ से फिसल गई
और चकनाचूर ही गई
(जैसे किसी आशिक़ का दिल टूटा हो)
फिर डाँट पड़ी
फिर हमने ludo, carrom के लिए partner मांगे
हमारी energy देखकर
उन्होंने फिर से बाहर भेज दिया
इसी तरह छुट्टियाँ कट गई
आख़िरी में पापा हमे लेने आए
तो काफ़ी अच्छा खाना बनाया नानी ने
मैंने पूछा हमारे लिए क्यों नी बनती ये सब
बोली तेरी शादी होगी तो अपनी ससुराल में बनवाना
फिर मैंने सोच लिया बड़े होते ही शादी करूँगा