आज मुझे ईर्ष्या हो गई है महिलाओं से
की उन्हे मां बनाया
गर्भ के पहले महीने से ही
वो मां बन जाती है
उसकी अठखेलियों को महसूस कर पाती है
पोषण देकर उसे एक अंश से
मानव का रूप देती है
आसान नहीं होती ये journey
Morning sickness, खाने पर पाबंदी
स्वाद पर पाबंदी, उठने बैठने में परेशानी
Acidity, gas,
sugar, homeoglobin का टेंशन
Figure, maternity weight का risk
लोगों से इतनी नसीहतें, टोका टाकी,
फिर डिलीवरी का दर्द, recovery
पर एक खुशी की उम्मीद
इस journey खुशनुमा फल
एक नन्ही से जान आपकी झोली भर देती है
पर मुझे अब भी ईर्ष्या है औरतों से
की उस बच्चे को आज भी मां ही चाहिए
मां का खुशबू से ही वो चुप हों जाता है
उसके पोषण का जरिया आज भी वही है
वो आज भी मां के ही touch को जानता है
पर मां बनना आसान नहीं
हर दो घंटे में उठ कर दूध पिलाना होता है
नींद उचट जाती, मिजाज में झल्लाहट आ जाती है
खुली आंख से सोना, डार्क सर्कल,
गंदे daiper, बच्चे के सुसु के भीगे कपड़े, चादर, तकिए
ताकत रहित शरीर, उबला खाना,
उसके रोने से शरीर सिहर उठता है
पर मतलब समझ नही आता
फिर एक मुस्कान और उसके चेहरे का सुकून देख
सारी थकान उतर जाती है
मेरी खुशी भी बस अब मां और बच्चे की
मुस्कान और सुकून में है


