
क्या भाई
कौन हो तुम
कैसे दिखते हो
कहाँ मिलते हो
कहाँ पाए जाते हो
सुना बहुत है तुम्हारे बारे में
पर कभी देखा नहीं
न जाने कितने लोग ने अपनी ज़िंदगी बर्बाद कर दी
और न जाने कितनों ने आबाद (अपनी जेब भरकर)
पर कोई बता नहीं पाया की तुम मिलोगे कहाँ
लोग भागते चले जा रहे है तुम्हें ढूँढते हुए
कभी फूलो की दुकान पर
तरह तरह के कैफ़े – restaurant पर
मंगलवार को मंदिरों में
आज कल bumble-tinder पर
सड़को पर बाइक घुमा घूमा कर
petrol ख़त्म कर दिया Dubai का
उसे अब tourist spot बनना पड़ा
इतने मे तो सरकारी नौकरी मिल जाती
पर तु न मिल रहा
मैंने भी ढूंढा, कहनी, किस्सो में
गानो में, फ़िल्मों में
कॉलेज की कैंटीन में
लाल क़िले की दीवारों पर
व्हिस्की की बॉटल में
और सुसाइड पॉइंट पर
पर कही भी इसके अवशेष न मिले
थोड़ी अश्लीलता ज़रूर नज़र आई
इतिहास की किताबो में भी इसका उल्लेख है
कुछ लड़ाइयाँ भी हुई
पर दिखता कैसा है इसका कोई विवरण नहीं
आज कल भी सुना murder , honour killings हो जाती है
पर ये नामाकूल मिलेगा कहाँ
कोई तो बताए
किसी से पूछो तो कहता है
इश्क़ मुकम्मल नहीं होता
ये अधूरा ही रहता है
ख्वाबो, खयालों और यादों में
कहता है इंसान मर जाता है
पर इश्क़ ज़िंदा रहता हूँ
बताओ ये भी कोई बात हुई
मैंने कहा किसी ने कोई फोटो तो बनाई होगी
जैसे राजा रवि वर्मा ने भगवान राम की कल्पना की थी
बोला पागल है क्या
अरे फोटो तो लुप्त हुए है dinosaur की भी बन जाते है
Spielberg ने तो उस पर 3-4 फ़िल्में बना डाली
ये इश्क़ पता नहीं कौन सा अफ़लातून है
Newton को gravity मिल गई
पर किसी को यहाँ इश्क़ न मिला
शायद वो dinosaur इश्क़ करते थे
इसलिए लुप्त हो गए !

