ये किताबें इस तरह पीछे पड़ गई है मेरे
जहाँ देखता हो वही दिखती ही
चाहे बिस्तर का सिरहाना हो
या office के मेज़ की दराज़
corner table पर तो सजावटी तौर पर सब रखते है
intellectual दिखने के लिए,
पर मेरे तो सोफे की गद्दी की झिरी से भी झाँक लेती है
सोचा रसोई में जाऊँगा तो नहीं मिलेगी
छौंक के छीटे पड़ने का डर होगा इसको
पर ये ज़ालिम वहाँ भी recipe book बन कर
या एक नज़्म की संकलन बन पड़ी रहती है
की इतने सब्ज़ी सीजने लगे
एक कविता पढ़ीं जा सकती है
बहुत डाँट पड़वाती है मुझको
हर जगह जो बिखरी पड़ी रहती है
संवारने लग जाता हूँ
तो फिर कोई नई सामने आ जाती है
जिसमे bookmark बीच में लगा होता है
फिर ये मेरे बैग में जगह ले लेती है
की चलो पूरा किया जाये
दूसरी ज़रूर नाराज़ हो जाती है
की मुझे क्यों बीच में छोड़ रहे हो
छुपने की भी कोशिश करूँ मैं इनसे
तो उस closet में भी कोई किताब मुझे ढूँढ लेती है
एक बार तो मैंने गुस्से में
अलमारी के ऊपर रख दिया
पड़ने दो धूल
दिखेगी ही नहीं
ख़ुद ही गिर आई मेरे कंधे पर
और ऐसे puppy face बना कर देखा उसने मुझे
मुझे उस पर poly cover चढ़ाना पड़ा
अब मैंने इनसे समझौता कर लिया
और सबको समझा दिया
की ये किताबे तो ऐसे है लुक्का छुपी खेलेगी
बेल की तरह मेज़ की घेर लेंगी
और दूबड़े की तरह उगती ही रहेगी
तुम इनही छुपाओगी
तो ये झाड़ की तरह फ़ैल जाएगी






