मैंने जिससे मोहब्बत की
उसने मेरी अरमानों को
जली हुई सिगरेट के टुकडे की तरह
पैरों तलों रौंद दिया
मेरे फेफड़े भी जल गए
दिल भी टूट गया
वो कहती है की
उसने तो ऐसा कुछ नही जताया
अरे तो फिर ये धुंआ क्यों उड़ाया
वो शायद
दिल की सिगरेट पीने का शौक रखती है
इस शौक से फेफड़े तो पता नही
उसका दिल ज़रूर मर गया है




