तबादले की चिट्ठी

भवानी राम की चिट्ठी आ गई थी
उसे मेरठ से आगरा तबादला कर दिया था
रुकवाने की अर्ज़ी डाली
पिताजी ने एक मंत्री से भी बात की
चिट्ठी में चिठ्ठी के मिलने के पंद्रह दिन में आगरा पहुंचना था

भवानी राम इंतज़ार में था की इन पंद्रह दिनों में
उसका तबादला रुक जाए
क्यूँकि उसकी शादी थी एक महीने में
नई बहू के साथ नई जगह गृहस्थी जमाना आसान नहीं होगा
ये उसे मालूम था
इसलिए तबादले के रुकवाने के लिए बेचैन था

पंद्रह दिन गुज़र गए
कोई चिट्ठी नहीं आई
भवानी राम को आगरा जाना पड़ा

उसके जाते ही दो चिट्ठी आई
मेरठ वाले दफ्तर में
तो सहकर्मियों ने उत्सुकता से दोनों खोली
की पता नहीं किसमें तबादला रुक गया हो

पर पहली चिट्टी सोनसी की थी
उसकी होने वाली पत्नी
इत्र की ख़ुशबू भी आ रही थी
इस ख़ुशबू में वो सब तबादला वैगरह भूल गए
और चिट्ठी पढ़ने लगे
उसमे बहुत सारी प्यार भरी बातें लिखी थी
“की आपका पिछली चिठ्ठी मिली
उसे पढ़ कर रोम रोम खिल उठा
आप बहुत नटखट है !

(चिठ्ठी के वही अंश पढ़े जा रहे है
जो पढ़े जा सकते है,
सारी बातें यहाँ पब्लिक में बताना उचित नहीं )

मैं भी आपके लिए बहुत कुछ सीख रही हूँ
ऑफिस से आपके आने इंतज़ार करना भी
शाम को अलग अलग तरह के शरबत बनाना भी सीख रही हूँ

पर अभी तो मुझे बस आपकी बारात का इंतज़ार है
घोड़े पर बैठे आप राजा लगेंगे
और मूछों में रौबदार
बस डर रही हूँ की ये मुछे कितना चुभेगी
कम से कम आप दाढ़ी तो नहीं रखते

आप तबादले की ज़्यादा चिंता न करे
मैं पूरा घर संभाल लुंगी
और हम दोनों ही होंगे
तो गृहस्थी भी सीमित होगी
इतना क्या परेशान होना

हम रोज़ ताज महल देखने जाया करेंगे
उसी खिड़की से ताज महल देखेंगे
जिस से शाहजहां देखता था
आप लाल किले पर रहना
मैं ताज महल में रहूँगी

रात की चाँदनी में ताज देखेंगे
जहाँ एक तरफ़ यमुना में
ताज महल की परछाई होगी
दूसरी तरफ़ हमारी

मैं रोज़ नए नए व्यंजन बना कर आपको खिलाऊँगी
आप बोर ही नहीं हों पाया करोगे
अगली चिठ्ठी में बताना की क्या रहा”

ये पढ़ने में दफ्तर वालो को खूब मज़ा आया
फिर दूसरी चिट्ठी खोली तो पता लगा की तबादला रुक गया है
वो चिट्ठी दस दिन देर से आयी थी
उन्होंने दोनों चिट्ठी आगरा भेज दी

भवानी राम आगरा के दफ़्तर पहुँचे
बेमन से कुर्सी पर बैठे हुए थे
न तबादला हुआ न सोनसी की चिठ्ठी आई
मुंह लटक कर मुमताज़ की कब्र तक पहुँच गया था
और रुके हुए आंसुओं का वेग
भाकरा-नागल डैम के पानी की तरह था

जॉइन किए दस दिन हो गये थे
शादी की छुट्टी के लिए फिर मेरठ जाना का दिन आ गया
इतना लटका हुआ चेहरा देख बाबू ने भी जाने दिया
उसके जाते ही अगले दिन दोनों चिट्ठी आगरा पहुँची
उत्साह में फिर दोनों चिट्ठी खोली गई
की कौनसी तबादले की है
फिर उन्होंने सोनसी की चिठ्ठी पढ़ी
और मज़े लिए

उन्होंने दोनों चिठ्ठी इस बार
भवानी राम के घर भेज दी
शादी पाँच दिन बाद थी
चिट्ठियाँ नहीं पहुँची
पर आगरा और मेरठ के दफ़्तर वाले शादी में पहुँच गए
उन्होंने भवानी राम से कहा
“की भाई दाढ़ी मत रखता
और मुछें रखना पर बहुत पैनी नहीं
चाहो तो तबादला ले ही लो
क्यूंकि भाभीजी को ताज महल घूमना है”

उसे कुछ समझ नहीं आया
शादी हो गई पर तबादले रुकने की चिट्ठी नहीं पहुचीं
न ही सोनसी की, जिसका जवाब देना था

अब चिट्ठियों का तो ऐसा ही है
इतनी देर से आती है
की कभी कभी तो बच्चे हो जाते है
लोग retire हो जाते है
पर चिट्ठियाँ नहीं पहुँचती

किट्टू

ये नाम है मेरे cutie pie का
जब आया था छोटू सा था
सिर एक टहनी और कुछ पत्ते
इत्तू सा गमला

इसको मैंने sunlight दिखायी
पानी पिलाया
और खाना भी दिया
organic खाद !

मैंने घर पर ही बनायी थी
सब्ज़ी के छिलके और used चाय पत्ती से
कूड़े वाले भैया तो बोलने लगे
की तुम तो मेरे लिए कूड़ा ही नहीं छोड़ती हो

धीरे धीरे मेरा kittu बड़ा हुआ
उसके नए टहनी और पत्ते आए
वो इत्ता बड़ा हो गया की
नया planter लाना पड़ा

मैंने ceramic का
hand painted pot लिया
और kittu को नई मिट्टी में shift किया

kittu के नए घर की
housewarming party भी करी
सबने kittu को थोड़ा थोड़ा पानी दिया
फिर उसके साथ picture click करी
नया hashtag भी बनाया #growlikekittu

Snack में सिर्फ़ herbal tea
और fresh fruits थे
उनके remains से मैं
kittu का और खाना बनाऊँगी

अब बस kittu और बड़ा हो जाए
फिर kittu के भाई बहन भी लाएंगे
पूरा family garden बनायेंगे

रेल यात्रा

दोस्ती सी हो गई थी रेल से
हर हफ़्ते घर जाना होता था
सीट , ट्रेन , टिकट सब तय था
बस अनुभव नये थे

जनरल डिब्बा अपने आप में
एक कस्बे का नुक्कड़ है
जहाँ हर इंसान के पास एक मशविरा है
और एक शेखी बघारता क़िस्सा

एक बार एक इंसान को घिसड़ लग गई
तो हर आदमी ने इलाज बताया
इतना ज्ञान तो शायद medical science में भी नहीं होगा
की इलाज के सामने चोट छोटी पड़ गई

एक दफ़ा सुबह की ट्रेन ले ली
पौ भी नहीं फटी थी
सोचा रात की अधूरी नींद पूरी कर लू
नहीं तो रात तक उधर रहेगी
तो पूरा दिन उबासी लेकर सूद चुकाना होगा

जैसे ही एक झौका नींद का आया
तो लगा की सपने में मैं झरने में नहा रहा हूँ
पानी का बहाव इतना तेज हो गया की
मेरी आँख खुल गई
तब ज्ञात हुआ की ये झरना का स्रोत
एक शिशु था
वो भी सोते हुए ना जाने सपने में क्या देख कर
मूत्र विसर्जन कर रहा था
की ऊपर की बर्थ के लकड़ी के फट्टो के बीच से
मुझे सपने से उठा रहा था

हल्ला मचाया तो माँ भी नींद से जागी
फिर चारो तरफ़ से सलाह बरसने लगी
एक काम के इंसान ने paper soap दिया
तो मैंने मुंह धोया
पर उस भीड़ मैं इतना ही कर पाया
और सोचा शायद बाल condition हो जाए
इस सकारात्मक सोच के साथ
मैंने बाक़ी का सफ़र पूरा किया

कभी कभी सफ़र में हमसफ़र भी मिल जाता है
पर मुझे एक पुराना दोस्त मिला
दीवाली का मौसम था तो
एक पुरानी सहपाठी भी मिली

हमने सोचा चलो सफ़र अच्छा कट जाएगा
क्या पता होली तक जीवन में रंग भर आयेगा
पर भगवान फूल के साथ कांटे भी देता है
जैसा मेरा दोस्त
और वो कांटा नहीं दीवाली का पटाखा निकला
उसने बिना जाने मेरी सहपाठी को
न जाने cool college life का क्या पाठ पढ़ाया
की मैं तो बस आते जाते बेचने वालो की
canvassing करता नज़र आया

मैंने उन दोनों को coffee पिलाई
जैसे मैं था लड़की का भाई
That day I realised lot can happen over coffee
चाहे वो CCD की भी न हो

वो ट्रेन यात्रा यादगार बन गई
उनके लिए
जब उनकी फ़ोटो मैंने
कुछ सालों बाद instagram पर देखी
एक दूसरे को रिंग पहनाते हुए
और मुझे tag करते हुए
saying thank you Prateek
For matching us
You are Cupid !

एक बार को ऐसा लगा की
Anupam Mittal बन जाऊ
दूसरो की शादी करा कुछ पैसे कमाऊ

ख़ैर उस ट्रेन से मैंने घर जाना छोड़ दिया
जिसे उस couple ने love express नाम दे दिया
भला हो मोदी का उसने वंदे भारत चलायी
क्यूंकि मुझे love express सुन कर ही उल्टी आती

अब कोई लड़की बैठ भी जाए बराबर में
मैं focus करता हूँ बस खेत देखने में
वो भी टोपी पहन कर
की कहीं ट्रेन के अंदर
फिर बरसात न आ जाए कहीं से

Open mic एक भेल

Open mic एक भेल की तरह है
थोड़ा खट्टा , थोड़ा मीठा
और थोड़ा तीखा

Creative feathers हुआ डोंगा , भेल बनाने का
पहले steel का था
अब ये काँच का हो गया है
चमकता हुआ

चटनीयाँ है इसकी है audience
जिनके बिना ये भेल अधूरी है
खट्टी चटनी हुई अखिल सर जैसी टिपण्णीयाँ
मीठे चटनी वो लोग जो
तालियाँ बजाते है ,
चुटकियाँ चिटकाते है
गाने गुनगुनाते है और
इसके सुरूर में खो जाते है

इसमें singers तो हुए मुरमुरे या मूडी
जिसके बिना भेल का कोई अस्तित्व ही नहीं है
आजकल मखाना भी डलने लगा है
उसे हम western singers समझ लेते है
उनका english नाम किसी rock band जैसा ही है
FOXNUT

इनमें कुडमूड़ की आवाज़ देती है पापड़ी और बूंदी
यानी के musical instrument
जैसे guitar, violin, keyboard, flute, harmonica

फिर इसमें डालता है सलाद
जैसे प्याज़, टमाटर, उबला आलू, खीरा, कच्ची अम्बी
ये हुए यहाँ के विभिन्न रस के कवि
जो की अपने में भी संपन्न है
या सलाद की जुगलबंदी में भी
ये ही रूमानीयत और रुहिन्यत देते है
मतलब healthy बनाते है

चटकारे के लिए डलता है नींबू और चाट मसाला
यानी के standup comedian
जो कम समय में ज़्यादा असर दिखाते है
और देर तक जुबान रह जाते है

हरि मिर्च भी डालती है इसमें
जो तीखी होती है
यानी की roast comedy

decoration के लिये डालते है
हरा धनिया, बारीक सेव, अनार
ये हुए सच्ची झूठी किस्से कहानियाँ
कभी performance से पहले
कभी उसके बाद , कभी बीच में

और इस भेल की चम्मच है सर्वेश सर
जिससे हम लोग इसे बारी बारी खाते है
मतलब performance देखते है

पर भेल के साथ एक असमंजस की स्थिति भी बनती है
ये जो coffee की ख़ुशबू
हमारी नाक के साथ खिलवाड़ करती है
मन में तरेंगे उत्पन्न करती है
की यार एक तो ले लेते है
भेल के साथ कोई sandwich
या taco भी try कर लेते है
ये भेल हमारी भुख को और बढ़ावा देती है

हर हफ़्ते ये भेल बनती है
चटनी, मसाले, सलाद ऊपर नीचे होते रहते है
पर हर बार मजेदार बनती है
आज बावनवी भेल है
हम यही चाहेंगे की
आगे भी ये भेल हर हफ़्ते बने
सबको खट्टे मीठे चटकारे देती रहे

ये किताबें

ये किताबें इस तरह पीछे पड़ गई है मेरे
जहाँ देखता हो वही दिखती ही
चाहे बिस्तर का सिरहाना हो
या office के मेज़ की दराज़

corner table पर तो सजावटी तौर पर सब रखते है
intellectual दिखने के लिए,
पर मेरे तो सोफे की गद्दी की झिरी से भी झाँक लेती है

सोचा रसोई में जाऊँगा तो नहीं मिलेगी
छौंक के छीटे पड़ने का डर होगा इसको
पर ये ज़ालिम वहाँ भी recipe book बन कर
या एक नज़्म की संकलन बन पड़ी रहती है
की इतने सब्ज़ी सीजने लगे
एक कविता पढ़ीं जा सकती है

बहुत डाँट पड़वाती है मुझको
हर जगह जो बिखरी पड़ी रहती है
संवारने लग जाता हूँ
तो फिर कोई नई सामने आ जाती है
जिसमे bookmark बीच में लगा होता है

फिर ये मेरे बैग में जगह ले लेती है
की चलो पूरा किया जाये
दूसरी ज़रूर नाराज़ हो जाती है
की मुझे क्यों बीच में छोड़ रहे हो

छुपने की भी कोशिश करूँ मैं इनसे
तो उस closet में भी कोई किताब मुझे ढूँढ लेती है

एक बार तो मैंने गुस्से में
अलमारी के ऊपर रख दिया
पड़ने दो धूल
दिखेगी ही नहीं
ख़ुद ही गिर आई मेरे कंधे पर
और ऐसे puppy face बना कर देखा उसने मुझे
मुझे उस पर poly cover चढ़ाना पड़ा

अब मैंने इनसे समझौता कर लिया
और सबको समझा दिया
की ये किताबे तो ऐसे है लुक्का छुपी खेलेगी
बेल की तरह मेज़ की घेर लेंगी
और दूबड़े की तरह उगती ही रहेगी
तुम इनही छुपाओगी
तो ये झाड़ की तरह फ़ैल जाएगी

पर्दे

ये पर्दों से झाँकती हुई रोशनी से नफ़रत है मुझे
ये मेरे सुबह के मीठे नींद में खलल डालती है

जहाँ एक तरह कूकर की सिटी
और दूसरी तरफ
दूध वाले की घंटी
मेरे सपने में विघ्न पैदा करते है

तो मेरा पति भी अखबार के पन्नो की सरसराहट से
मेरे सपनों की विद्या बालन को मंजुलिका बना देता है
फिर कहते है की तुम पुरे दिन चिडचिडी क्यों रहती

न जाने सुबह सुबह देश और दुनिया का हाल जानकर ही
मोदी बनेंगे क्या
पजामा तो मिलता नहीं खुद से

बाहर जाने को बोलो तो
इतनी हवा करते है की
ट्रक के टायर भर जाये

उठ कर भी शांति कहाँ
जोर जोर से ब्रश करते है
कुल्ला तो ऐसे करेंगे की
सुनामी आ गयी हो

फिर बहार जाकर
अपने ही जैसे
किसी फालतू इंसान को फोन करेंगे
बत्तें सुन कर लगता है की
RBI Governor अब foreign policy भी बना सकते है
पर इनसे राय ले लेते तो शायद वो और अच्छा कर पाते

cook aunty भी इतनी aunty नहीं
जितना ये उनसे बातें करते है
पूरी सोसाइटी की खबर तो ऐसे रखेंगे
जैसे यहाँ की CBI हो
और इनके agent है
guard, electrician, plumber, रिक्शावाला, presswala
इतनी घनिष्ठता तो ख़ुद के भाई से नहीं है इनकी

ये सब के बाद ऐसे फालतू reel देखते है
की समझ आता है कितनी पढाई कर लो, अकल नहीं आती
मतलब ट्रक वाला की life में तुम्हे इतना interest क्यों
इस से तो किसी actress को follow कर लेते
कम से कम कुछ fashion sense तो आती

कभी कभी इनका आलसी शरीर हिल भी जाता है
exercise तो करते है पर
loud music में ही
जाने lean on सुने बिना workout नहीं हो सकता क्या

इतना शोर होने के बाद मुझे उठाना ही पड़ता है
फिर मैं परदे हटाती हूँ
ये सोचते हुए की
काश कोई पर्दे होते
जो रौशनी के साथ शोर भी रोक सकते

फिर कहते है अरे, तुम क्यों उठ गयी
शांति से सो जाओ
Sunday है
मैं तुम्हारे लिए special breakfast बना रहा हूँ

ये सुन कर तो मेरे होश फ़ाख्ता हो गए
ख़ुद को “रणवीर बरार” समझ कर
एक तो पता नहीं कौनसे देश की dish को
देसी तड़का मार देते है
फिर ज़बरदस्ती तारीफ़ करो
क्यूँकि फोटो खिचने के चक्कर में एक तो ठंडी हो जाती है
एक बात बताऊ – वो इतनी अच्छी होती नहीं, जितनी फोटो में दिखती है
बाद में , चुपके से , ब्रेड मलाई ही खानी पड़ती है,

फिर किचन तो पूछो मत
सारे बर्तन में कुछ न कुछ बना होता है
maid aunty भी कहती है
की sunday को extra payment किया करो
भैया बहुत बर्तन गंदा करते है

फिर लगता है की monday ही अच्छा है
सुबह office चले जाते है शांति से
बिना पर्दे हटाए

समोसे का दंभ

इठलाता हुआ
एक तरफ़ हरी
तो दूजी और लाल चटनी
लिए चलता है समोसा

उसे गुरूर है
की मुझे कौन हटा सकता है
सरकारी दफ़्तरो को मीटिंग
Evening snacks
बच्चों की birthday party
या सुबह के नाश्ते से
चाहे रिश्ता पक्का करना हो
या cocktail party
मैं तो हर तरफ़ हूँ
मेरे नाम पर तो kitty party भी चलती है – समोसा किटी

तभी तो नौक निकल कर
अपने किनारे पैने करके रहता है
मौके के हिसाब से छोटा बड़ा हो जाता है
जगह और season के हिसाब से ख़ुद को एडजस्ट भी कर लेता है
आलू तो है ही
सर्दियो में गोभी या मटर
Lavish करना हो तो काजू किशमिश या पनीर
या south में जाओ तो राइ करिपटा
और तो और non-veg में कीमा का भी बन जाता है
health conscious लोगो के लिए
Baked समोसा भी आने लगा है
इस versatility को कौन टक्कर दे पाएगा

हुए थे कुछ खड़े
जैसे की
ढोकला – खाते हुए तो पानी गिरने लगता है
Patties – आधी पापड़ी बिखरी पड़ी रहती है,
जैसे किसी छोटे बच्चे ने खाया हो,
शोभा देता इस तरह खाना

कचौड़ी थोड़ी टिक पायी
पर बिना आलू की सब्ज़ी के
वो जल बिन मछली लगती है
पकौड़ी ने भी काफ़ी मशक्कत करी
पर वो अपनी variety में ही उलझ कर रह गए
की आलू का मंगाये या गोभी का या प्याज का या ब्रेड का
अब वड़ा पाव भी आ रहा है टक्कर में
पर जितने में उसका वड़ा बनेगा
उतने में मैं पूरा बन जाऊँगा
और पाव में fit हो जाऊ

विदेश से भी कुछ लोग आए थे competition देने
Burger, sandwich जैसे
तो उनका बन-समोसा
और समोसा-सैंडविच बना दिया 😈

इंसान कुछ भी experiment कर ले
घूम फिर के समोसे में पास ही आ जाता है
इतनी सहूलियत कोई भी नहीं दे पाता न
और इसके साथ अदरक वाली चाय हो जाए
तो स्वाद में चार चाँद लग जाए

पर क्या अजूबा बनाया है ये
तिकोना सा
पूर्वोत्तर में जिसे सिंघाड़ा भी बोलते है
जैसे कोई लाला मुंह फुलाये बैठा हो

Butterflies

पहला दिन था कॉलेज का
बस रैगिंग से बचना था
पर एक लड़की ने पकड़ लिया
बोली – fresher
I said – yes
बोली- ओह फ़च्चे , चल मेरा बैग उठा कर हॉस्टल रख
पेट में हुई गुड गुड पर चुपचाप मैंने बैग दिया पटक

अगले दिन वो लड़की मेरे सेक्शन में yes mam बोली
तो मैंने उससे निगाहे मिलायी
उसने एक guilty स्माइल दे कर नज़रे हटायी
मैं भी चुप रहा
batchmate से ragging, ये अपमान मन में दबा लिया

फिर एक दिन उसके बराबर में सीट मिली
तो अपनी curiosity को हवा दी
तुमने मुझसे बैग क्यों उठवाया
बोली तुम सीधे लगे तो बस फ़ायदा उठाया
I said – u need to pay for it
She said – will you have Maggi
फिर कैंटीन गए और मैगी खायी
तो थोड़ा कुली की फीलिंग आई
पर पेट मे थोड़ी butterfly भी उड़ी

फिर ये पहचान दोस्ती में बदली
क्यूंकि हमारे हॉस्टल भी थे पड़ोसी
In today’s term
Our nanoship became friendship

बाबा मोहनीश बहल के अनुसार
लड़का लड़की न रह पाए दोस्त फिर एक बार
पहले situationship हुई
यानी awkwardness की बोले की नहीं

एक दोस्त ने मुझे चढ़ा दिया
तो मैंने propose करने का ठान लिया
लगाया perfume उधार का
बनवाया एक गुलदस्ता प्यार का
गये फिर एक सुंदर सा cafe
पेट में butterfly लगी उड़ने
फिर वो आई सामने
गुलदस्ता पेश किया हमने
जैसे ही लगा कुछ बोलने
निकली बस कुछ हवा ही मुंह से
जैसे सारी butterfly
पेट से निकल कर बाहर आ गई

वो मेरे माथे पर पसीना
और हाथ का कपकपना
देख कर समझ गई
मुस्कुराई
और बोली – you are too cute
मुझे समझ नहीं आया
(मुझे लगा हँसी और पटी)
पर फिर भी मैंने फिर ज़ोर लगाया
I like you , will you be my girlfriend?
वो फिर मुस्कुराई और बोली – finally you asked
और हंस पड़ी
हमने officially hug किया
रिश्ते को अब relationship पर promote किया
(भले ही Benching, breadcrumbing साथ में चलता रहा)
पर अब भी वो जब साथ होती है
पेट में butterfly थोड़ी गुदगुदी तो करती है…

ननिहाल

रात को नींद ही नही आयी
क्यूंकि आज नानी के घर जाना है
वो भी एक महीने के लिए
मम्मी इतनी सारी books रख ली
मैंने सोचा मम्मी कुछ ज़्यादा ही आशावादी है
की हम वहाँ पढ़ेंगे
मैं तो बस वह जाकर सबके साथ खेलने के लिए बैचैन हूँ

मामा आये है लेने
मैंने साइकिल रखने की ज़िद की
बोले जगह नहीं है
मुझे MRF and के बैट का लालच देकर बैठाया गया

दादा दादी को मिस करूँगा पर
और चाचा को भी
पापा को भी मिस करूँगा
पर वो पता नहीं क्यों
ख़ुश लग रहे थे हमारे जाने से

रास्ते में मम्मी ने चाय पी
इतनी गर्मी में पता नहीं कैसे पीते है
मैंने तो बस चुस्की खायी, ऑरेंज वाली

जैसे ही घर पहुँचे
नानाजी आ गए लेने
उन्होंने उतरते ही हमे चॉकलेट दी
और नानी ने आते ही खिलाना शुरू कर दिया
वो मस्त हलवा बनाती है

फिर मैं अन्नू , पिंकी और चिंटू से मिला
दिन में हम contra-mario खेलतें था
और शाम में क्रिकेट
मुझे हमेशा fielding मिलती थी
जब MRF का बैट आयेगा तो पहली batting करूँगा

मौसी हमे दिन में पढ़ती थी
पूरा holiday homework करा दिया
(क्यूंकि मोबाइल नहीं था, तो फ्री ही रहती थी लड़किया)
उनकी अजीब शर्त थी
की हमारी चोटी बना कर ही पढ़ती थी
हर बार नया style
(अब लगता है हम जाने कौनसा project थे)

एक दिन शाम में हमने pool भरने का plan बनाया
एक जगह से फटा था
हमने उसको टेप से चिपका कर भरा
और उसे भर कर कूदने लगे
चिंटू ने ऐसी jump मारी
की वो फैट गया
और पानी पूरे घर में घुस गया
पानी अंदर और सब लोग घर से बाहर
आजकल तो ऐसे resort में ही होता है
Disaster management जैसी situation हो गई थी
डाँट पड़ती रही पर
हमने तो बस puppy face बनाये रखा

हमे घर में नज़रबंद किया गया
एक दिन मठी के साथ आचार खाने का मन किया
तो बरनी से निकालने लगे
इतना तेल था की बरनी हाथ से फिसल गई
और चकनाचूर ही गई
(जैसे किसी आशिक़ का दिल टूटा हो)
फिर डाँट पड़ी

फिर हमने ludo, carrom के लिए partner मांगे
हमारी energy देखकर
उन्होंने फिर से बाहर भेज दिया

इसी तरह छुट्टियाँ कट गई
आख़िरी में पापा हमे लेने आए
तो काफ़ी अच्छा खाना बनाया नानी ने
मैंने पूछा हमारे लिए क्यों नी बनती ये सब
बोली तेरी शादी होगी तो अपनी ससुराल में बनवाना
फिर मैंने सोच लिया बड़े होते ही शादी करूँगा